बरसों बाद आज ऐसा लगा जैसे मैं अपने आप से मिला। जो मैं कभी था, वो शख्स मुझे तुझमें दिखा।
वही मासूमियत, वही जुनूनियत, वही सादगी और वही सोच।
रूक गया...
हां रूक गया कुछ पल वही मैं, खुद को तुझमें देखता, यादों की किताबों के कुछ पन्ने पीछे की और मोड़ता।
किसी को पाने के लिए अपनी हदों से गुज़रने वाला, हां, वही शख्स जो में कभी था वो आज मुझे तुझमें दिखा।
- Raviraj
12 Dec 2021
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